ऋषि मुनियों की देन है आयुर्वेद पद्धति : सुरेंद्र पाल सिंह

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करनाल, अभी अभी। हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि आयुर्वेद हमारे जीवन में बहुत महत्व रखता है। प्राचीनकाल से ही हमारे ऋषि-मुनियों ने आयुर्वेद को किसी भी बीमारी के इलाज के लिए बेहतर माना है। हजारों वर्षों से चली आ रही आयुर्वेद की चिकित्सा मनुष्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

यह देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनाई जाती है। एलोपैथिक चिकित्सा से बीमारियों में तुरन्त आराम तो मिलता है, लेकिन यह निश्चित नहीं होता कि बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाएगी। लेकिन अगर बात आयुर्वेद चिकित्सा की है, तो यह निश्चित होता है कि यह रोग के कारण को समझकर उस बीमारी को जड़ से खत्म करने में सक्षम होती है और फिर वह बीमारी दोबारा नहीं होती। वह एक निजी होटल में नीड आयुर्वेदा के स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित जनों को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले नीड आयुर्वेदा के संस्थापक ओम भारद्वाज, सी.एम.डी अनूप भारद्वाज व एम.डी अवनीश भारद्वाज, रविल भारद्वाज ने आईपीएस सुरेंद्र पाल सिंह का स्वागत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। सी.एम.डी अनूप भारद्वाज ने कहा कि अपनी टीम के सहयोग से नीड आयुर्वेदा आज लोगों तक अपनी पहचान बना रहा है और दूसरा स्थापना दिवस सभी के लिए हर्ष का पल है, आगे भी आयुर्वेद में लोगों के लिए वह बेहतर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी आयुर्वेद को बढ़ावा देने का काम कर रहे है। हरियाणा सरकार इसके लिए गंभीरता से काम कर रही है और करनाल में भी एक कलस्टर स्थापित किया जाना है जोकि गौरव की बात है।

कार्यक्रम में दूर-दराज से आयुर्वेद से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। टीम लीडर अभय कुमार, पटना से सुमित सिंह, विनीत प्रताप, दिल्ली से अमित कुमार, सारवन कुमार, रांची से सोनू कुमार, कानपुर से अखिलेश गुप्ता, छत्तीसगढ़ से एम.डी साहू, निरंजन, मोदली, एम.पी से बलवंत गोले, बिहार से नंदलाल, मुम्बई से महाराज, संजय सैनी व आगरा से लखानी समेत कई लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में गणमान्य लोगों को सम्मानित किया गया