करनाल संसदीय सीट से कांग्रेस के 48 दावेदार आए सामने?

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धर्मसिंह छौक्कर, चाणक्य पंडित, अशोक मैहता, प्रेम सचदेवा, पराग गाबा, इंद्रजीत गौराया समेत कईयों ने ठोंका दावा
करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, अंबाला, फतेहाबाद, झज्जर और सोनीपत के कांग्रसियों ने मांगी टिकट

देवेंद्र गांधी
करनाल।
देश में मोदी की जबरदस्त लहर के बावजूद करनाल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस टिकट के चाहवानों की सूची लंबी होती जा रही है। करनाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के छोटे-बड़े 48 लोगों ने चुनाव लडऩे की इच्छा जताई है। टिकट के चाहवानों ने बकायदा सियासी बायोडाटा कांग्रेस के पास जमा कराया है। हैरत की बात ये हैं कि करनाल संसदीय क्षेत्र से न सिर्फ करनाल पानीपत बल्कि फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र,्र फतेहाबाद, अबंाला और पंचकूला तक के कार्यकर्ताओं ने आवेदन दिया है। टिकट की कतार में लगे ज्यादात्तर ब्राह्मण चेहरे हैं। इन चेहरों में भूपेंद्रसिंह हुड्डा के खेमे से लेकर शैलेजा के करीबी शामिल है। कांग्रेस के जिन लोगों ने करनाल ससंदीय क्षेत्र से टिकट के लिए आवेदन किया है उनमे समालखा के पूर्व विधायक भरतसिंह छौक्कर, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा के पुत्र चाणक्य पंडित, एडवोकेट अशोक मैहता, पानीपत से धर्मपाल गुप्ता, इंद्रजीतसिंह गौराया, जीत राम कश्यप, पराग गाबा, ओमप्रकाश कश्यप, गीता रानी, जंगला राम, कपित शर्मा, रमेश सैनी, सुरेंंद्रपाल गौड़, प्रियंका जैन, राजेश शर्मा, सुमित घणघस, कर्ताराम कश्यप, बाबूराम कौशिक, महिंद्र सांगवान, एडवोकेट राजेश चौधरी, रोड़ वीरेंद्र दथरथ, डा. श्रीमती राज गौतम, ललित बुटाना, सत्येंद्र नरवाल, जोगेंद्र चौहान, पंडित रामस्वरूप जांबाज, सुनीता शर्मा, विश्वनाथ शर्मा, मुनीष परवेज राणा, चरणजीतसिंह, चंद्रदेव कामरा, धीरज गुआबा, सतपाल रोड़, प्रमोद कुमार शर्मा, कृष्ण शर्मा बसताड़ा, प्रोफेसर कृष्ण चंद्र, सुरेश यूनिसपुर, प्रेम प्रकाश सचदेवा, ललित चौधरी, दिनेश सैन, सुरेंद्र कालखा, रमन, गौरव शर्मा व रितु अरोड़ा शामिल है।

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करनाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस टिकट के दावेदारों की लंबी फेरहिस्त इस बात का संकेत देता है कि देश भर में कांग्रेस के बेहबद कमजोर स्थिति में होने के बावजूद उनके कार्यकर्ताओं के हौंसले में कमी नहीं आई है। कांग्रेस के कार्यकर्ता फौलाद जैसी मजबूत भाजपा से टकराने के लिए तैयार और तत्पर दिखाई देते हैं। ये हालत तब है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ने पूरे देश में 400 सीटें जीतने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। ये भी किसी से ढका छुपा नहीं है कि भाजपा इस समय एक मजबूत स्थिति में है और 2019 के लोकसभा चुनाव में करनाल ससंदीय सीट से संजय भाटिया ने देश में दूसरे बड़े मार्जिन से जीत दर्ज की थी। ये भी जगजाहिर है कि हरियाणा में कांग्रेस के पास संगठन का अभाव है ऑैर गुटबाजी चरम पर है। जबकि दूसरी तरफ भाजपा है जिसके पास न तो वर्करों की कमी है और न ही संसाधनाओं की कोई कमी है। ऐसे में कहा जा सकता है कि टिकट के चाहवानों में कांग्रेस प्रेम सिर चढ़ कर बोल रहा है।