मेयर चुनाव के दावेदारों की फरहिस्त हुई लंबी?

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अशोक सुखीजा, जगमोहन आनंद, संजय बठला, मनोज वधवा, मुकेश अरोड़ा, भारत भूषण कपूर, राजेश अघी, मेघा भंडारी, नवीन कुमार, युद्धवीर सैनी की निगाह टिकी?
देवेन्द्र गांधी
करनाल।
नगरनिगम चुनाव को लेकर गहमागहमी के बीच भाजपा के दावेदारों की सूची लंबी होती जा रही है। बदले सियासी माहौल में अब करीब आधा दर्जन भाजपा नेताओं में चुनाव लडऩे की दिलचस्पी देखी जा सकती है। कुछ मुखर हो कर दावेदारी कर रहे हैं तो कुछ मन ही मन चुनाव लडऩे की ख्वाहिख रखते हैं। इनमे से कुछ इशारों में अपना दावा जता रहे हैं तो कुछ खुल कर ताल ठोक रहे हैं।

प्रमुख दावेदारों की बात करे तो भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सुखीजा को प्रमुख दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि वो खुल कर अपनी दावेदारी नहीं जता रहे हैं। लेकिन भाजपा में उनके नाम की खूब चर्चा है।
इसी तरह भाजपा के पूर्व जिला प्रधान एवं मुख्यमंत्री के मीडिया कोर्डिनेटर जगमोहन आनंद ने भी चुनाव लडऩे की ख्वाहिश जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने तो बकायदा ऐलान कर दिया है कि पार्टी मौका देगी तो किस्मत आजमाएंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला भी कहीं न कहीं मेयर चुनाव के प्रमुख दावेदारों में शुमार है। वो बात और है कि संजय बठला खुल कर अपनी इच्छा व्यक्त नहीं कर रहे हैं।

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इसी फेरहिस्त में एक बड़ा नाम मनोज वधवा का भी है। पिछले दिनों शहर भर में होर्डिंग लगवा कर उन्होंने चर्चाओं के बाजार को गरम कर दिया था। चाहवानों या दावेदारों की सूची में एक नाम भाजपा पार्षद मुकेश अरोड़ा का भी है। मौजूदा समय में वे पार्षद है और इसी तरह जेबीडी ग्रुप के मालिक भारत भूषण कपूर के नाम की भी अटकलबाजी चल रही है। हालांकि भारत भूषण कपूर ने कभी भी खुल कर मेयर चुनाव लडऩे की बात नहीं की है। लेकिन भाजपा में कुछ लोग है जिन्हें लगता है कि वे भी इस कतार में शामिल हो सकते हैं। इसी तरह दावेदारों की सूची में एक नाम रामनगर से भाजपा पार्षद राजेश अघी का है। उनकी ख्वाहिश भी किसी से छुपी हुई नहीं है।

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इसी तरह एक बड़े दावेदार के तौर पर मेघा भंडारी के नाम को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता है। अगर करनाल की सीट पर महिला के मेयर पद के लिए आरक्षित हुई तो उनका दावा मजबूत साबित हो सकता है। मेयर चुनाव लडऩे की इच्छा पार्षद एवं निगम के डिप्टी मेयर नवीन कुमार भी रखते हैं। उन्हें लगता है कि अगर करनाल की सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित हुई तो उनके लिए मौका बन सकता है। इसी तरह का मौका बनने की ताक में पार्षद युद्धवीर सैनी उर्फ मीतू सैनी भी रखते हैं। वे भी खूब पोस्टरबाजी में व्यस्त है। उन्हें लगता है कि अगर सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुई तो उनके लिए मौका बन सकता है। कुल मिला कर मेयर टिकट के लिए एक अनार 100 बीमार वाली स्थिति हो सकती है।