करनाल के भावी वैज्ञानिकों ने की क्षुद्रग्रह की खोज

Dayal Singh Public School Karnal

दयाल सिंह पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने बढ़ाया मान
करनाल, वरूण गुलाटी। दयाल सिंह पब्लिक स्कूल दयाल सिंह कालोनी के 10वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं ने प्रारंभिक क्षुद्रग्रह की खोज की है। अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय खोज सहयोग ने स्वीकृत प्रदान कर दी है। इसमें नासा (अमेरिका) भी पार्टनर है।
दयाल सिंह पब्लिक स्कूल दयाल सिंह कॉलोनी करनाल के सभागार में दयाल सिंह कॉलेज ट्रस्ट सोसायटी के प्रेसिडेंट डीके रैना एवम् मानद सचिव वाइस एडमिरल सतीश सोनी व डॉ रेखा मलिक प्रिंसिपल साइंटिस्ट ,भा.कृ.अनु.प.-इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ व्हीट एंड बार्ली रिसर्च ने बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। अतिथिगणों ने कहा कि विज्ञान की दुनिया में जो निरंतर खोज, परिवर्तन, आविष्कार, विकास हो रहे हैं सब वैज्ञानिकों की मेहनत और समर्पण का नतीजा है। छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल सुषमा देवगन व शिक्षिका डॉ कावेरी चौहान के मार्गदर्शन में इंटरनेशनल एस्टॉनोमिकल सर्च कोलैबोरेशन द्वारा 13 जुलाई से 7 अगस्त 2023 तक चलने वाले आईएएससी ऑनलाइन प्रोग्राम में क्षुद्र ग्रह की खोज करने वाले 44 होनहार विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश में ऐसे महान वैज्ञानिक हुए हैं जैसे विक्रम साराभाई, चंद्रशेखर वेंकटरमन, विक्रम साराभाई आदि जिन्होंने विश्वपटल पर भारत के प्रति नजरिये को बदल दिया और चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग भी इसका प्रमाण है। दयाल सिंह पब्लिक स्कूल, दयाल सिंह कॉलोनी, करनाल के 44 छात्र-छात्राओं ने अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय खोज सहयोग द्वारा आयोजित क्षुद्रग्रह खोज अभियान में हिस्सा लेकर क्षुद्रग्रहों की खोज की। इस अभियान के अंतर्गत छात्रों को ब्रह्मांड में स्थिर और परिभ्रमण करने वाले ग्रहों की खोज करने के लिए एक मिशन सौंपा गया था। इस अभियान में देश-विदेश के विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों के छात्रों तथा विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया था। जिसमें दयाल सिंह पब्लिक स्कूल, डीएससी करनाल के 44 छात्र-छात्राओं की 3 टीमों ने प्राचार्या सुषमा देवगन और यंग साइंटिस्ट 2016 विजेता डॉ कावेरी चौहान के नेतृत्व में इस आयोजन में भाग लिया और मौलिक खगोलमितीय खोजें की। टीम आर्यभट्ट के अश्मित ने 1 प्रारंभिक क्षुद्रग्रह और टीम सी वी रमण की दीक्षा, आन्या, गरिमा व आकर्ष ने 4 प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों की खोज की है। इन 5 छात्रों के द्वारा मंगल ग्रह के समीप भ्रमण कक्षा में चक्कर लगाने वाले 5 प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों की खोज की गई है, अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय खोज सहयोग (ढ्ढ्रस्ष्ट) ने भी अपनी स्वीकृति दे दी है। यह 5 छात्र करनाल के पहले छात्र हैं जिन्होंने इस प्रकार के परिभ्रमण करने वाले प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों की खोज करने में सफलता हासिल की है और करनाल का गौरव बढ़ाया है।
अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय खोज सहयोग द्वारा इन छात्र-छात्राओं की खोज को स्वीकृति मिल गई है और उन्हंस एक मेल भी प्राप्त गई है। गौरतलब है कि ढ्ढ्रस्ष्ट द्वारा प्रारंभिक क्षुद्रग्रह खोज अभियान में भारत के सी बी देवगन मेमोरियल एस्टेरॉयड सर्च कैंपेन में कुल 20 टीमों ने भाग लिया था जिसमें से 3 टीमें दयाल सिंह पब्लिक स्कूल, दयाल सिंह कॉलोनी, करनाल की थीं। इस कैंपेन के प्रतिभागियों द्वारा कुल 12 प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों की खोज की गई है जिसमें से 5 प्रारंभिक क्षुद्रग्रह दयाल सिंह पब्लिक स्कूल के छात्रों द्वारा खोजे गए हैं। इस खोज के बाद से सभी छात्र-छात्राओं को लोगों की शुभकामनाएं मिल रही है। इस अवसर पर ग्रुप लेवल पर एनसीसी कैडेट आकांक्षा को 2022 का बेस्ट कैडेट अवार्ड भी दिया गया। इस अवसर पर दयाल सिंह पब्लिक स्कूल जगाधरी की प्रिंसिपल पारुल, पानीपत स्कूल की प्रिंसिपल विनीता, दयाल सिंह पब्लिक स्कूल सेक्टर सात की प्रिंसिपल शालिनी नारंग एवम् कॉलोनी स्कूल की मु्ख्य अध्यापिका प्रिया कपूर सहित स्टाफ एवम् बच्चे उपस्थित रहे।